ग्रहण का प्रभाव 12 राशियों पर

ग्रहण

ग्रहण क्या है?

जब राहु और केतु सूर्य या चंद्रमा को ग्रसन करते हैं तो ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण अमावस्या को और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को लगता है। वैदिक ज्योतिष में ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। ग्रहण के समय किए गए कार्यों का परिणाम अनेक गुना बढ़ जाता है।

ग्रहण के प्रकार

सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। चंद्र ग्रहण: जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। खंडग्रासी: आंशिक ग्रहण। पूर्ण ग्रहण: पूरी तरह ग्रहण — इसका प्रभाव सबसे अधिक होता है।

मेष सिंह धनु पर प्रभाव

अग्नि तत्व की राशियों पर ग्रहण का प्रभाव मिश्रित रहता है। मेष राशि को धन का लाभ हो सकता है। सिंह राशि को स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। धनु राशि को यात्रा में सावधानी बरतनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

वृषभ कन्या मकर पर प्रभाव

भूमि तत्व की राशियों को ग्रहण से वित्तीय लाभ होने की संभावना रहती है। वृषभ राशि को संपत्ति से लाभ। कन्या राशि को व्यावसायिक सफलता। मकर राशि को परिवार में सुख बढ़ सकता है।

ग्रहण के समय क्या करें और क्या न करें

करें: भगवान का स्मरण करें, मंत्र जापें, ध्यान करें, दान करें। न करें: भोजन न करें, नया काम शुरू न करें, यात्रा न करें। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

ग्रहण के उपाय

अपनी राशि के स्वामी ग्रह का मंत्र जापें। शिव जी की पूजा करें। गंगा जल घर में रखें। ग्रहण के बाद स्नान अवश्य करें। दान-पुण्य करें। तुलसी के पत्ते दूध और जल में डालकर रखें।

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